Skip to main content

Psalms 129

IRV — हिंदी बाइबल 20198 verses✦ Study with AI →

Tap a verse to select • tap Share to post

1

यात्रा का गीत इस्राएल अब यह कहे, “मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,

2

मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।

3

हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी-लम्बी रेखाएँ की।”

4

यहोवा धर्मी है; उसने दुष्टों के फंदों को काट डाला है;

5

जितने सिय्योन से बैर रखते हैं, वे सब लज्जित हों, और पराजित होकर पीछे हट जाए!

6

वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहले सूख जाती है;

7

जिससे कोई लवनेवाला अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बाँधनेवाला अपनी अँकवार भर पाता है,

8

और न आने-जानेवाले यह कहते हैं, “यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!”

✦

Go deeper with AI Bible Coach

Ask questions about Psalms 129, explore cross-references, or get verse-by-verse explanations grounded in Scripture.

Open in Reader →
Psalms 129 | AI Bible Coach