Skip to main content

Psalms 112

IRV — हिंदी बाइबल 201910 verses✦ Study with AI →

Tap a verse to select • tap Share to post

1

यहोवा की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!

2

उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी।

3

उसके घर में धन-सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा।

4

सीधे लोगों के लिये अंधकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।

5

जो व्यक्ति अनुग्रह करता और उधार देता है, और ईमानदारी के साथ अपने काम करता है, उसका कल्याण होता है।

6

वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा।

7

वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।

8

उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिए वह न डरेगा, वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा।

9

उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा; और उसका सींग आदर के साथ ऊँचा किया जाएगा। (2 कुरि. 9:9)

10

दुष्ट इसे देखकर कुढ़ेगा; वह दाँत पीस-पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी। (प्रेरि. 7:54)

Go deeper with AI Bible Coach

Ask questions about Psalms 112, explore cross-references, or get verse-by-verse explanations grounded in Scripture.

Open in Reader →
Psalms 112 | AI Bible Coach